संग तू जो नही तो ज़िन्दगी
जीना आसान हों गया है
जीने की ख्वाइस करीब
तुम्हारे दूर जाने से हो गया है
मारने आते थे जो लोग
आज वो ख़ुद अधमरा है
संग छोड़ने के बाद
वो खुद आधा मरा है
दिल में नही अब दिमाग
में हम बस्ते है तुम्हारी
क्यू की प्रेम नही अब
दुश्मनी जो है हमारी
~प्रवीण कुमार
जीना आसान हों गया है
जीने की ख्वाइस करीब
तुम्हारे दूर जाने से हो गया है
मारने आते थे जो लोग
आज वो ख़ुद अधमरा है
संग छोड़ने के बाद
वो खुद आधा मरा है
दिल में नही अब दिमाग
में हम बस्ते है तुम्हारी
क्यू की प्रेम नही अब
दुश्मनी जो है हमारी
~प्रवीण कुमार